या रब तेरे इस दुनिया में देखो ये क्या हो रहा है…….. इस्माईल आजाद
झूठों का सम्मान यहां
सत्य पहचान खो रहा है
या रब तेरे इस दुनिया में
देखो ये क्या हो रहा है
धन के पीछे भा-ग रहें सब
कर्म चाहे कैसे भी हो
पाप पुण्य किताबी बातें
माल मिले जैसे भी हो
दगा वही यहां दे रहे हैं
साथ हमेशा जो रहा है
या रब तेरे इस दुनिया में
देखो ये क्या हो रहा है
सत पुरूष का सम्मान नहीं
झूठ का सजा बाजार है
देवी देवता धरम प्रवचन
बन चुका व्यापार है
धर्म मानव को जोड़ता है
कुछ मुर्ख नफरत बो रहा है
या रब तेरे इस दुनिया में
देखो ये क्या हो रहा है
दुनिया से जाना है सभी को
लेकिन कोई खौफ नहीं
पाप दगा बेईमानी करके भी
होता कोई अफसोस नहीं
भगवान कहला रहें पाखंड़ी
चोर लूटेरा जो रहा है
या रब तेरे इस दुनिया में
देखो ये क्या हो रहा है
पैगंबरों की बातों को
कहां कोई अपना रहें है
इसीलिए सारे अच्छाई
दुनिया छोड़कर जा रहें है
कहां तलक जायेगी दुनिया
दिल मेरा बहुत रो रहा है
कहां तलक जायेगी दुनिया
दिल मेरा बहुत रो रहा है
व्यंग्यकार ……
इस्माइल आजाद
जामुल भिलाई
जिला दुर्ग छत्तीसगढ़
मो०88151 34604