सी०जी०प्रतिमान न्यूज
5 जून विश्व पर्यावरण दिवस
के दोहे
एक वृक्ष लागना धर्म महान।
एक वृक्ष सौ पुत्र समान।।
खोद खाद धरती सहे
काट कूट वनरास
कटू वचन साधू सहे
सबसे सहा न जाय ।
तुलसी से घर सजत है
और नीम से गांव
पूजा को बरगद भली
राहगीर को छांव
जंगल बिन बादल नही
बादल बिना न नीर
फटी दरारे ये धरती की
कहती मन की पीर
मोर भूले नृत्य अरू
कोयल बोली कूक
यू शिकारी मार रहे
चिड़ियो पर बन्दूक
हिरण भरे न चौकडी
भूले बाघ दहाड
वन बिना संन्यासी
लगते साधू पहाड़
जडी बूटियां नष्ट हुई
मधुरस रहा न याद
तेंदू चार चिरौंजी के
भूल गए हम स्वाद
हम वनो का विनास कर
कैसी चलती चाल
कही बाढ़ सूखा कही
और कही भूचाल
पर्यावरण की रक्षा कर
शुद्ध रखो जल वायु
धरा प्रदुषण मुक्त हो
मानव हो दीर्घायु
तीरथ हज कर वापस आओ
भोज के बदले वृक्ष लगाओ
वृक्ष लगाना धर्म महान
एक वृक्ष सौ पुत्र समान।
प्रकाश सिंह ठाकुर
जामुल - सुरडुंग
नगर पालिका परिषद जामुल
जिला -दुर्ग (छ०ग०)
मो० 9302832395