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नासा की जानी-मानी भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर अंततः नौ महीने बाद अंतरिक्ष से वापस पृथ्वी पर आए हैं लौट ।

धरती पर लौटीं सुनीता विलियम्स: कैसा रहा पृथ्वी तक 9 महीनो का सफ़र ?

नई दिल्ली, 19 मार्च 2025 – नासा की जानी-मानी भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर अंततः नौ महीने बाद अंतरिक्ष से वापस पृथ्वी पर लौट आए हैं। यह वापसी स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के माध्यम से हुई, जो फ्लोरिडा के तट के पास सफलतापूर्वक समुद्र में उतरा।

आखिर क्यों हुई इतनी देरी?
सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर को जून 2024 में केवल आठ दिनों के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भेजा गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते उनका मिशन अनियोजित रूप से लंबा हो गया। बोइंग का स्टारलाइनर यान, जो उन्हें वापस लाने वाला था, बार-बार की तकनीकी समस्याओं के कारण असफल रहा। इसके चलते, अंततः स्पेसएक्स की मदद ली गई और उनके ड्रैगन कैप्सूल ने सफलतापूर्वक यह कार्य पूरा किया।

कैसा रहा पृथ्वी तक का सफर?
पृथ्वी तक लौटने का सफर 17 घंटे लंबा रहा, जिसमें अंतरिक्ष यान को 17000 मील प्रति घंटा की तेज़ गति से प्रवेश करना पड़ा। जैसे ही यह वायुमंडल में पहुंचा, कैप्सूल का बाहरी तापमान 2000 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया। हालांकि, हीट शील्ड ने यात्रियों को सुरक्षित रखा।

अंततः, भारतीय समयानुसार सुबह 3:27 बजे, ड्रैगन कैप्सूल ने फ्लोरिडा के समुद्र में सफल लैंडिंग की।

समंदर में उतरा कैप्सूल, डॉल्फिन्स ने किया स्वागत
स्प्लैशडाउन के तुरंत बाद, एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिला—समुद्र में उतरे कैप्सूल के चारों ओर डॉल्फिन्स का झुंड घूमने लगा। यह दृश्य न केवल वैज्ञानिकों के लिए बल्कि दर्शकों के लिए भी बेहद रोमांचक था।

स्पेसएक्स कंट्रोल सेंटर से यात्रियों का स्वागत किया गया: “निक, एलेक, बुच, सुनी… स्पेसएक्स की ओर से घर वापस आने का स्वागत है।” इस पर कमांडर निक हेग ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “कैप्सूल में हर कोई मुस्कुरा रहा है।”

रिकवरी ऑपरेशन और मेडिकल परीक्षण
कैप्सूल के पानी में उतरने के बाद, स्पेसएक्स की रिकवरी टीम ने फास्ट बोट्स के जरिए पहुंचकर यात्रियों की सुरक्षा जांच की। इसके बाद कैप्सूल को सुरक्षित पोत पर लाया गया। सभी अंतरिक्ष यात्रियों का प्रारंभिक मेडिकल परीक्षण किया गया, जिसमें उनकी स्थिति सामान्य पाई गई।

क्या आगे करेंगी सुनीता विलियम्स?
सुनीता विलियम्स पहले भी कई ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशनों का हिस्सा रही हैं। उन्हें उनकी सादगी और भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम के लिए भी जाना जाता है—एक बार वे अंतरिक्ष में समोसे और गीता लेकर गई थीं।

अब, उनकी योजना अगले कुछ महीनों तक रीहैबिलिटेशन और रिसर्च पर ध्यान देने की है।

अंतरिक्ष से धरती तक का रोमांचक सफर!
इस मिशन ने एक बार फिर अंतरिक्ष विज्ञान की चुनौतियों और संभावनाओं को उजागर किया है। बोइंग स्टारलाइनर की असफलता के बावजूद, स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल की सफलता ने भविष्य में अंतरिक्ष यात्रा की नई संभावनाएं खोल दी हैं।

यह वापसी न केवल वैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण के प्रति उत्साही लोगों के लिए प्रेरणादायक भी है।

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