पिरदा ब्लास्ट
छत्तीसगढ़ के पिरदा गांव म
लहू के धार बोहागे
मौत के कारखाना म गांव के
कतको मनखें ऊड़ियागे
होवत बिहनिया जबर ब्लास्ट ले
जम्मां क्षेत्र थर्रागे
का होगे भगवान कहिके
जम्मां मनखें ड़र्रागे
दऊड़त भागत कंपनी गेट म
जम्मां मनखें जुरियागे
मौत के कारखाना म गांव के
कतको मनखें ऊड़ियागे
नियाव खातिर बईठे हे जनता
जेठ के दहकत आगी म
भूखे प्यासे रोवत कलपत
घात लगे जबर छाती म
तन के कऊनों चिन्हारी नई हे
टूसा टूसा छरियागे
मौत के कारखाना म गांव के
कतको मनखें ऊड़ियागे
शासन प्रशासन वाले मालिक ल
बचाये के ऊदीम लगावत हे
कंपनी ल कोन एन ओ सी दे हे
कांहीं नई बतावत हे
दुर्घटना ल देख के जम्मां
जिम्मेंदार मन ओधियागे
मौत के कारखाना म गांव के
कतको मनखें ऊड़ियागे
धन्य हे क्रांति सेना के मुखिया
तुरते गांव म आये हे
नियाव देवाये बर जम्मां संगवारी
कंपनी आगु सकलाये हे
पीड़ित परिवार ल मुआवजा देवा के
दुख पीरा ल अधियागे
मौत के कारखाना म गांव के
कतको मनखें ऊड़ियागे
अब तो सोंचव अब तो जागव
देखव कोन हर हितवा हे
कोन तुम्हर बर हावय लड़ईया
कोन तुम्हर बर मितवा हे
छत्तीसगढ़ीहा क्रांति सेना के आगु
बनें बनें सोझियागे
बनें बनें सोझियागे
ब्यंग्यकार
इस्माईल आजाद जामुल भिलाई