गिरोधपुरी मेला : सी. जी. प्रतिमान न्यूज।

बलौदाबाजार भाटापारा – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से इस संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार इस वर्ष 04 मार्च से 06 मार्च तक आयोजित ऐतिहासिक गिरोधपुरी मेला कार्यक्रम सफलता पूर्वक एवं शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान मेला परिसर के विभिन्न स्थानों में पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किये गये थे , जिनकी मदद से मेला में गुम हुये कुल 92 गुम इंसानों की सकुशल खोजबीन कर उनके परिजनों के सुपूर्द किया गया।

मेला व्यवस्था में उप पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी को मेला प्रभारी नियुक्त करते हुये संपूर्ण गिरोधपुरी मेला में 27 राजपत्रित अधिकारियों सहित 30 निरीक्षक 64 उनि/सउनि , 116 प्रधान आरक्षक , 763 आरक्षक / महिला आरक्षक सहित कुल 1000 की संख्या में पुलिस बल लगाया गया था। मेला परिसर में 24 घंटे सतत निगरानी हेतु 72 की संख्या में सीसीटीवी कैमरा भी लगाया गया था। मेला व्यवस्था के तहत बाहर से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों , बाहर प्रांत से आकर मेला परिसर में ठेला , गुमटी आदि लगाने वाले कुल 132 व्यक्तियों का सर्च स्लिप भरा गया।

संपूर्ण मेला में समुचित एवं सुगम यातायात व्यवस्था के लिये 08 मुख्य पार्किंग स्थल बनाये गये थे , जिसके तहत इस बार छाता पहाड़ में भी पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई थी। साथ ही गिरोधपुरी चौकी के पीछे के शेरे पंजा स्थल को मुख्य पार्किंग स्थल के रूप में चिन्हित किया गया था। मेला के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिये चौबीस घंटे 22 कुशल गोताखोर तैनात किये गये थे , जो की जोंक नदी परिसर एवं गिरोधपुरी ग्राम स्थित मुख्य तालाब में व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे थे। गिरोधपुरी मेला के दौरान 07 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आपातकाल स्थिति से निपटने के लिये चौबीस घंटे तैनात थी। इसके अतिरिक्त संपूर्ण मेला परिसर में सूचनाओं के सुगम आदान प्रदान एवं आपसी समन्वय के लिये 100 मैनपेक सेट एवं 30 स्टैटिक सेट व्यवस्था में लगाया गया था। इस वर्ष किसी भी प्रकार की दुर्घटना आदि से बचने के लिये मेला परिसर में 15 से अधिक फिक्स पॉइंट लगाये गये थे। इस वर्ष मेला क्षेत्र में आने वाले पैदल श्रद्धालुओं के लिये अलग से मार्ग बनाया गया था तथा उनमें मजबूत बैरिकेडिंग किया गया था जिससे पैदल मंदिर की ओर गमन करने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की भी परेशानी ना हो। इस दौरान वन विभाग एवं पुलिस विभाग की टीम द्वारा नवनिर्मित जैतखाम एवं मेला परिसर से 60 से अधिक मधुमक्खी के छत्तों को सुरक्षित हटाया गया है।

