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शिक्षाधानी भिलाई के सेक्टर-7 स्थित कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 26 नवम्बर को मनाया राष्ट्रीय संविधान दिवस। एनसीसी कैडेट्स संग प्राध्यापकों ने संविधान की रक्षा, देश की सुरक्षा की ली शपथ।

सी०जी०प्रतिमान न्यूज :

  • राष्ट्रीय संविधान दिवस पर एनसीसी कैडेट्स संग प्राध्यापकों ने संविधान की रक्षा, देश की सुरक्षा की ली शपथ

  • भिलाई 27 नवम्बर / शिक्षाधानी भिलाई के सेक्टर-7 स्थित कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाया गया। इस दौरान संविधान की रक्षा और देश की सुरक्षा, अखंडता बनाए रखने की शपथ ली गई।
    महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.विनय शर्मा ने बताया कि हमारे संविधान के मूल उद्देश्यों को प्रकट करने के लिए अमूमन सर्वप्रथम एक प्रस्तावना प्रस्तुत की जाती हैं। भारतीय संविधान की प्रस्तावना विश्व में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। प्रस्तावना के माध्यम से भारतीय संविधान का मूल सार, अपेक्षाएं, उद्देश्य उसका लक्ष्य तथा दर्शन प्रकट होता है। उन्होंने उपस्थित प्राध्यापकों को संविधान दिवस पर देश की एकता, अखंडता और संविधान रक्षा की शपथ दिलवाई गई।
    इस दौरान एनसीसी बॉयज विंग के प्रभारी डॉ.हरीश कश्यप ने कार्यक्रम का संचालन किया।
  • एनसीसी गर्ल्स विंग की प्रभारी डॉ.के.नागमणि ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.प्रमोद शंकर शर्मा, अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ.लखन चौधरी, शिक्षा संकाय की प्रमुख डॉ.बनीता सिन्हा, डॉ.कविता वर्मा, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहायक प्राध्यापक अंशुल तिवारी व बड़ी संख्या में एनसीसी बॉयज और गर्ल्स विंग के सीनियर, जूनियर कैडेट्स उपस्थित रहे।
    -पर्यावरण संरक्षण है सबसे जरूरी..
    इस दौरान ‘विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस’ भी मनाया गया। कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.विनय शर्मा ने कहा कि हर साल 26 नवंबर को ‘विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस’ आयोजित किया जाता हैं। यह दिवस पर्यावरण और पारिस्थितिकीय तंत्र को संतुलित रखने के साथ ही आम जनों को सजग, सचेत और जागरूक करने के परिप्रेक्ष्य में सकारात्मक पहल के लिए मनाया जाता है। प्राचार्य डॉ.विनय शर्मा ने एनसीसी कैडेट्स से पर्यावरण की गुणवत्ता के संवर्धन और संरक्षण के लिए समस्त आवश्यक पहल करने प्रेरित किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से निपटान, निवारण, नियंत्रण और उपशमन के लिए राष्ट्र हितैषी क्रियाकलाप की योजना बनाना और उसे अमलीकृत करना जरूरी है।
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