Thursday, April 30, 2026
28.1 C
Delhi
Thursday, April 30, 2026
spot_img
Homeराजनीतिमहिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज : छ. ग. के मुख्य...

महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज : छ. ग. के मुख्य मंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर जमकर साधा निशाना ।

रायपुर 19 अप्रैल / महिला आरक्षण बिल को संसद में समर्थन न मिलने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।

CM साय का तीखा बयान

सीएम साय ने महिला आरक्षण बिल का विरोध करने पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह महिलाओं का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने दशकों तक महिलाओं के अधिकारों की बात की, लेकिन जब उन्हें लागू करने का समय आया, तो उन्होंने पीछे हटने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, “यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि नारी सम्मान से जुड़ा विषय है। विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है।”

“इंडी गठबंधन ने महिलाओं के साथ किया अन्याय”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इंडी गठबंधन ने हमेशा महिलाओं के खिलाफ काम किया है और इस बिल को रोककर उनके अधिकारों पर चोट पहुंचाई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में उनका उचित स्थान दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

अरुण सिंह का विपक्ष पर हमला

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने भी विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के साथ लगातार विश्वासघात किया गया है। उन्होंने कहा कि संसद में इस विधेयक का विरोध करना महिलाओं की भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “देशभर की महिलाओं को इस बिल से उम्मीद थी, लेकिन विपक्ष ने पहले से ही इसे रोकने की रणनीति बना ली थी।”

संसद से सड़क तक सियासत

अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि संसद के अंदर विरोध और बाहर खुशी मनाना विपक्ष की दोहरी राजनीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब जनता विपक्ष के असली चेहरे को समझ चुकी है। महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। भाजपा इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बता रही है, जबकि विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बना रह सकता है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular