बिहार में कैबिनेट विस्तार, सम्राट चौधरी सरकार के मंत्री गण शपथ लेते हुए
पटना 7 मई / बिहार में नई सरकार के गठन के बाद आखिरकार कैबिनेट विस्तार हो गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पद संभालने के 22 दिन बाद गुरुवार को राजधानी पटना में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें कुल 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। नई कैबिनेट में बीजेपी और जेडीयू के बीच मंत्रालयों का संतुलन साफ नजर आया।
करीब 25 मिनट तक चले इस कार्यक्रम में कई चरणों में मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। समारोह में एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे और राजनीतिक दृष्टि से इसे बिहार की नई सत्ता संरचना का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
बीजेपी को सबसे ज्यादा मंत्रालय
नई कैबिनेट में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व बीजेपी को मिला है। पार्टी के 15 नेताओं को मंत्री बनाया गया है। वहीं जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खाते में 13 मंत्रालय आए हैं।
इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी LJP (रामविलास) से 2 नेताओं को मंत्री पद दिया गया है। वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) से एक-एक नेता को कैबिनेट में शामिल किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीटों और सहयोगी दलों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार किया गया है।
निशांत कुमार की एंट्री बनी चर्चा का केंद्र
इस कैबिनेट विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर रही। उन्होंने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली।
निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को जेडीयू के भविष्य और पार्टी की नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे समय से राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत कुमार के अचानक सक्रिय होने से बिहार की सियासत में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।
उनके अलावा श्रवण कुमार, विजय सिन्हा, लेसी सिंह और दिलीप जायसवाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
पीएम मोदी और नीतीश कुमार की मुलाकात चर्चा में
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पीएम मोदी ने मंच पर नीतीश कुमार को अपने पास बुलाया। दोनों नेताओं के बीच हुई गर्मजोशी भरी मुलाकात ने सबका ध्यान खींचा।
इस दौरान नीतीश कुमार प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत करते नजर आए और उन्होंने पीएम के कंधे पर हाथ रखकर चर्चा की। दोनों नेताओं की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को एनडीए के भीतर एकजुटता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
मंगल पांडे को जगह नहीं मिलने पर चर्चा
कैबिनेट विस्तार के बाद कुछ बड़े नेताओं को मंत्री पद नहीं मिलने से राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। खासकर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को इस बार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
मंगल पांडे बिहार सरकार में दो बार स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।
राष्ट्रगान और वंदे मातरम् को लेकर भी चर्चा
शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। हालांकि प्रोटोकॉल के अनुसार पहले वंदे मातरम् होना चाहिए था। इसे लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।
नई सरकार पर अब कामकाज की जिम्मेदारी
कैबिनेट विस्तार के साथ ही अब बिहार सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। नई टीम के सामने रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था जैसे कई बड़े मुद्दों पर काम करने की चुनौती होगी।








Views Today : 104
Total views : 103722