Thursday, April 30, 2026
24.1 C
Delhi
Thursday, April 30, 2026
spot_img
Homeबड़ी खबरछत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में दुर्ग जिले के बोरी किसान...

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में दुर्ग जिले के बोरी किसान महापंचायत में जुटे सैकड़ों किसान प्रतिनिधि : महाराष्ट्र के किसान प्रतिनिधि भी हुए शामिल..

सीजी प्रतिमान न्यूज़ : पन्नालाल यादव

दुर्ग / हर साल की तरह इस साल भी छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने किसान महापंचायत का आयोजन दुर्ग जिले की धमधा ब्लाक के बोरी गांव में किया गया जिसमें जिले भर से सैकड़ों किसान प्रतिनिधि शामिल हुए, अमरावती महाराष्ट्र से किसान संगठन के प्रतिनिधि मंडल भी किसान नेता श्रीकांत तराल के नेतृत्व में किसानों के महापंचायत में शामिल हुए,

समितियों में समय पर खाद उपलब्ध नहीं, बढ़ी खेती की लागत


छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के किसान महापंचायत में किसान, कृषि और किसानों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया, किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि इस बार किसानों को खाद और बिजली की समस्याओं का सामना करना पड़ा है, समितियों में यूरिया और डीएसपी की उपलब्धता न होने के कारण निजी कृषि केंद्रों से मनमाने दामों में खाद खरीदने के लिए विवश होना पड़ा जिसके कारण खेती की लागत में वृद्धि हुई है,


तीन साल से राज्य सरकार ने धान के खरीद कीमत में कोई वृद्धि नहीं किया है
किसानों ने बताया कि पिछले 3 साल से राज्य सरकार ने धान की कीमत में कोई वृद्धि नहीं किया है जबकि राज्य में हर साल बाजार की मंहगाई में 6% -7% की वृद्धि हुई है, साल 2023 में सरकार ने किसानों का धान प्रति क्विंटल 3100/- के भाव से खरीदा था और 2025 में भी सरकार किसानों का धान इसी स्थिर भाव में ही खरीदने वाली है महापंचायत में मांग की गई है कि हर साल बढ़ती मंहगाई के अनुसार धान के भाव में 6% से 7% की वृद्धि किया जाना चाहिए,
वायदा के अनुसार धान खरीद करने से बचने के लिए सरकार ने खाद और बिजली का जानबूझकर संकट खड़ा किया है


महापंचायत में किसानों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि वायदा के अनुसार किसानों का धान खरीद करने से बचने के लिए इस साल जानबूझकर बिजली और खाद का कृत्रिम संकट खड़ा किया है ताकि किसान हतोत्साहित हो और धान के उत्पादन और उत्पादकता कम हो,
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए नहीं बल्कि सरकार के लिए लाभकारी है
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की चर्चा करते हुए किसानों ने कहा कि योजना में बीमित राशि को कृषि कर्ज की राशि के बराबर सीमित रखा गया है इसी प्रकार प्रति एकड़ मानक उत्पादन थ्रेशोल्ड वेल्यू को वास्तविक उत्पादन के आधा तक ही सीमित रखा गया है इससे उत्पादन में कमी होने की स्थिति में कृषि कर्ज की वसूली की गारंटी मिल जाती है लेकिन किसानों को कोई लाभ नहीं मिल पाता है, सरकार स्वयं प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी करती है इस प्रकार थ्रेशोल्ड वेल्यू को बढ़ाकर प्रति एकड़ कम से कम 20 क्विंटल और बीमित राशि को बढ़ाकर प्रति एकड़ 60 हजार रुपए किया जाना चाहिए,


प्राकृतिक आपदा सहित अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई:


छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक एडवोकेट राजकुमार गुप्त ने बताया की बैठक मे ंकिसानों ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि इस साल असामान्य बारिश हुई है, मौसम भी प्रतिकूल रहा है जिसके कारण फसलों के सामान्य उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है, फसलों में अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ा है और दवाईयों पर अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ा है जिसकी भरपाई सरकार को करना चाहिए, इसके अलावा अनियंत्रित पशुओं द्वारा फसलों की चराई पर भी चर्चा हुई है, प्रति दिन 6 घंटा की बिजली कटौती पर भी चर्चा हुई,


संगठन, एकता और संघर्ष से ही समस्याओं का हल होना संभव है


किसानों की महापंचायत में किसान नेताओं ने कहा कि किसानों में एकता, संगठन और एकजुट संघर्ष से ही समस्याओं का हल हो सकता है, प्रभावित किसानों को पहले अपने अपने क्षेत्र के निर्वाचित विधायकों/सांसदों को समस्या की जानकारी देना चाहिए निदान न होने पर निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ और शासन/प्रशासन के खिलाफ संगठित आंदोलन करना चाहिए


एकजुट होंगे चार पड़ौसी राज्यों के किसान संगठन, बनायेंगे संयुक्त क्षेत्रीय किसान महासंघ


छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के बोरी किसान महापंचायत में निर्णय लिया गया है कि विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड के किसान संगठनों को एकजुट करके क्षेत्रीय संयुक्त किसान महासंघ गठन किया जाएगा क्योंकि चारों राज्यों में किसानों, कृषि और किसानी की समान समस्या है इसलिए सरकारों के खिलाफ संघर्ष में सौदे की शक्ति बढ़ाई जा सके,
इसके अलावा राज्य के समस्त सहकारी समितियों में एक कृषि विशेषज्ञ की नियुक्ति करने की मांग की गई है ताकि फसलों में बीमारी आ जाने की स्थिति में उनकी राय लेकर किसान उचित दवा का उपयोग करके फसलों की समय पर रक्षा कर सके।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular