सी.जी. प्रतिमान : न्यूज़ 22 अप्रैल / आगामी आम चुनाव एवं उपचुनावों के मद्देनज़र (ECI) ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी भ्रामक, अवैध या एआई-जनित छेड़छाड़ वाली सामग्री की सूचना मिलने पर संबंधित प्लेटफॉर्म द्वारा 3 घंटे के भीतर कार्रवाई अनिवार्य होगी।
आयोग के अनुसार, राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को प्रचार में उपयोग की जाने वाली किसी भी एआई-जनित या डिजिटल रूप से परिवर्तित सामग्री को स्पष्ट रूप से “AI-जनित”, “डिजिटल रूप से संवर्धित” या “सिंथेटिक सामग्री” के रूप में चिह्नित करना होगा, साथ ही इसके स्रोत की जानकारी भी देनी होगी।
असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन, कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले पोस्ट और मतदान प्रक्रिया से जुड़ी भ्रामक सामग्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 15 मार्च 2026 से अब तक 11 हजार से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट/यूआरएल पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें कंटेंट हटाने, एफआईआर दर्ज करने और स्पष्टीकरण जारी करने जैसी कार्रवाइयाँ शामिल हैं।
आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के प्रावधानों को दोहराते हुए कहा है कि मतदान समाप्ति से पहले 48 घंटे की मौन अवधि में किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार—चाहे वह टीवी, रेडियो, प्रिंट या सोशल मीडिया पर हो—प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा, नागरिकों को भी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराने के लिए ऐप का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। 15 मार्च से 19 अप्रैल के बीच इस ऐप के माध्यम से 3,23,099 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 96.01% शिकायतों का समाधान 100 मिनट के भीतर किया गया।
आयोग ने सभी हितधारकों से अपील की है कि वे चुनाव के दौरान सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी, पारदर्शिता और कानून के दायरे में रहकर करें, ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।








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