Thursday, April 30, 2026
28.1 C
Delhi
Thursday, April 30, 2026
spot_img
Homeस्वास्थ्यहोटलो में दूध से बना पनीर नहीं है, तो मेनू में “पनीर”...

होटलो में दूध से बना पनीर नहीं है, तो मेनू में “पनीर” शब्द लिखना मना होगा। उसकी जगह “एनालॉग बटर मसाला” या “एनालॉग टिक्का” जैसे नाम लिखने होंगे।

सीजी प्रतिमान न्यूज़ 15 अप्रैल रायपुर / छत्तीसगढ़ , होटल में बैठकर जिस पनीर बटर मसाला का स्वाद लोग सालों से लेते आ रहे थे, अब उस पर बड़ा खुलासा हुआ है। सच थोड़ा कड़वा जरूर है, लेकिन अब ग्राहकों को असली और नकली का फर्क साफ दिखेगा।

दरअसल, ज्यादातर होटल और ढाबों में दूध से बने असली पनीर की जगह स्किम्ड मिल्क पाउडर, फैट और सोयाबीन ऑयल से बने एनालॉग का इस्तेमाल हो रहा था। देखने और स्वाद में एक जैसे होने के कारण आम लोग पहचान ही नहीं पाते थे कि प्लेट में क्या परोसा जा रहा है।

होटल मेनू में पनीर की जगह एनालॉग लिखने का नया नियम

अब इस खेल पर रोक लगाने की तैयारी हो गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। आदेश के मुताबिक अगर होटल में असली दूध से बना पनीर नहीं है, तो मेनू में “पनीर” शब्द लिखना मना होगा। उसकी जगह “एनालॉग बटर मसाला” या “एनालॉग टिक्का” जैसे नाम लिखने होंगे।

विभाग के अनुसार, केवल वही होटल अपने मेनू में पनीर लिख सकेंगे, जो सच में दूध से बने पनीर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे ग्राहकों को सही जानकारी मिलेगी और धोखे की संभावना कम होगी।

पनीर और एनालॉग के बीच का फर्क भी अब समझना जरूरी है। असली पनीर गाय या भैंस के दूध को फाड़कर तैयार किया जाता है, जबकि एनालॉग स्किम्ड मिल्क पाउडर, फैट और तेल मिलाकर बनाया जाता है। दिखने में दोनों एक जैसे लगते हैं, लेकिन नाम और गुणवत्ता अलग होती है।

नियमों के तहत एनालॉग का उत्पादन लाइसेंस लेकर किया जा सकता है, लेकिन इसे खुले में पनीर की तरह बेचना गलत है। इसे पैकिंग में “एनालॉग” लिखकर ही बेचना जरूरी होता है। तय मानक से ज्यादा मिलावट होने पर यह सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

इसी बीच रायपुर में हाल ही में बड़ी कार्रवाई भी सामने आई। खाद्य विभाग ने एक फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब 1200 किलो नकली पनीर जब्त किया। मौके पर पाम ऑइल, दूध पाउडर और अन्य सामग्री मिली, जिससे यह तैयार किया जा रहा था।

अब विभाग जल्द ही होटलों के मेनू कार्ड में साफ जानकारी देने के निर्देश जारी करेगा। यानी अब ग्राहक जो खा रहा है, उसकी सच्चाई छिप नहीं सकेगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular