. सी.जी.प्रतिमान न्यूज़ :

राजधानी रायपुर के मंत्रालय में 12 अक्टूबर रविवार को आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर के कलेक्टर्स को कई अहम निर्देश दिए। लगभग आठ घंटे चली इस बैठक में शासन के विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा की गई।
नगरीय प्रशासन पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स से कहा कि वे सुबह 7 बजे से पहले नगरीय निकायों के वार्डों में जाकर निरीक्षण करें और नगर निगम व नगर पालिका अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
PM जनमन योजना के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की जाएगी।
सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिया गया कि वे विशेष पिछड़ी जनजातियों के ग्राम विकास और उनके जीवन स्तर में सुधार के कार्यों को गति दें।
राज्य की 2300 से अधिक विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटों में विकास कार्य जारी हैं, जिससे 2 लाख 12 हजार से अधिक जनसंख्या को लाभ मिल रहा है।
मनेंद्रगढ़ और धमतरी जिलों को इस योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर मुख्यमंत्री ने सराहा और अन्य जिलों को इनका अनुसरण करने की सलाह दी।

पीएम आवास योजना पर प्रगति
बैठक में बताया गया कि अब तक 18 लाख 12 हजार आवास स्वीकृत, 22 महीने में 7 लाख 17 हजार आवास पूर्ण, कुल 21 लाख 60 हजार में से 78% आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। औसत प्रतिदिन आवास पूर्णता में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि—
पहली से दूसरी किश्त के भुगतान में लगने वाले दिनों को कम किया जाए।
निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
विशेष परियोजनाओं के तहत आवासों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए।
पीएम जनमन योजना के आवास मार्च 2026 तक पूर्ण किए जाएं।
मुख्यमंत्री आवास योजना के निर्माणाधीन भवनों की नियमित समीक्षा की जाए।
जो आवास पूरे हो चुके हैं, उनके हितग्राहियों को दो माह में अधिकार सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

जल आपूर्ति और अमृत मिशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन अमृत 2.0 के तहत लंबित 54 अनुमोदन प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जाए।
फील्ड अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान करें ताकि
एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
स्वच्छ भारत अभियान पर नाराज़गी
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत किए गए कार्यों के भुगतान में देरी पर नाराज़गी जताई।
उन्होंने कहा कि लंबित भुगतान पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और आगे से समय सीमा में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
युवाओं के लिए कौशल विकास पर ज़ोर
बैठक में यह भी तय किया गया कि—
राज्य स्तरीय रोजगार मेला आयोजित होगा।
कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण बैचों का संचालन किया जाएगा।
स्वरोजगार के लिए तिमाही लोन मेले आयोजित किए जाएंगे।








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