दुर्ग / जिले में दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए तीन दिवसीय मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी लिमिटेड की निगमित सामाजिक दायित्व (CSR) योजनांतर्गत, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), जबलपुर और समाज कल्याण विभाग, दुर्ग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
समाज कल्याण विभाग के उप संचालक के अनुसार, प्रथम चरण में आयोजित शिविरों में दिव्यांगजनों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण और चिन्हांकन किया जाएगा। परीक्षण के बाद पात्र हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता अनुसार सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। शिविर का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है: 18 फरवरी 2026 – मंगल भवन, नगर पालिक निगम चरोदा-भिलाई में आयोजित, जिसमें चरोदा-भिलाई, धमधा, कुम्हारी, अहिवारा, जामुल, अमलेश्वर एवं आसपास के क्षेत्र के दिव्यांगजन शामिल होंगे।
19 फरवरी 2026 – नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार में आयोजित, जिसमें भिलाई, उतई, रिसाली, पाटन एवं आसपास के क्षेत्र के हितग्राही लाभान्वित होंगे।
20 फरवरी 2026 – जिला जनपद पंचायत दुर्ग के सभाकक्ष में आयोजित, जिसमें दुर्ग और आसपास के क्षेत्र के दिव्यांगजन शामिल होंगे।
सभी शिविर प्रातः 10 बजे से आरंभ होंगे। शिविर में लाभ लेने के लिए दिव्यांगजनों को स्वयं उपस्थित रहना अनिवार्य है। साथ ही उन्हें अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज लाना आवश्यक होगा: जीवित दिव्यांग प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड की छायाप्रति आधार कार्ड की छायाप्रति दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो, जिसमें दिव्यांगता स्पष्ट दिखाई दे आय प्रमाण पत्र (पार्षद/सरपंच द्वारा जारी) जिला प्रशासन ने समस्त नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों को नोडल और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने एवं शिविर के सफल संचालन के लिए समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित निकायों को अपने क्षेत्रों में मुनादी कर अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक जानकारी पहुंचाने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। अधिकारियों ने अपील की है कि सभी दिव्यांगजन निर्धारित तिथि और स्थान पर समय पर उपस्थित होकर परीक्षण कराएं। शिविर के सफल संचालन और अधिकतम लाभ के लिए जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी की टीम पूरी तैयारी के साथ कार्यरत रहेगी।
यह तीन दिवसीय पहल न केवल दिव्यांगजनों की जीवन गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि उन्हें आधुनिक सहायक उपकरणों के उपयोग और तकनीक से जोड़कर उनकी आत्मनिर्भरता और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। शिविर में उपभोक्ताओं और अधिकारियों के बीच संवाद और जानकारी आदान-प्रदान भी सुनिश्चित किया जाएगा।








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