
विश्व महिला दिवस पर विशेष आलेख : मोमिता मंडल अध्यक्षा संगिनी लेडीज क्लब एसीसी जामुल..
सी.जी.प्रतिमान न्यूज़ 8 मार्च / नारी कभी कमजोर नही होती बस उसे पहचानने की जरूरत होती है। महिला सशक्तिकरण केवल महिला अधिकार नही बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी है।
यह दिन हमें महिलाओं के अद्भुत योगदान और उनके संघर्षों को याद दिलाता है। जैसा कहा गया है कि नारी कभी कमजोर नहीं होती, बस उसका संघर्ष अलग होता है।
महिलाएं समाज की रीढ़ हैं। रानी लक्ष्मीबाई का साहस, सरोजिनी नायडू की ताकतवर वाणी, कल्पना चावला का अंतरिक्ष में उड़ना या किरण बेदी का मजबूत नेतृत्व, ये दिखाते हैं कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। शिक्षा, विज्ञान, खेल, राजनीति, रक्षा और व्यापार… हर जगह महिलाएं अपनी मेहनत और काबिलियत से नाम बना रही हैं। आइए हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान देंगे, क्योंकि नारी शक्ति अजेय है।

महिला सशक्तिकरण समाज की असली नींव है। जब महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और सम्मानित होंगी, तभी समाज प्रगति करेगा। उनकी ताकत से परिवार मजबूत होता है और राष्ट्र की उन्नति सुनिश्चित होती है। हम सभी निष्पक्षता का समर्थन करके, महिलाओं का सम्मान करके और महिलाओं को उनके सपने पूरे करने के लिए प्रोत्साहित करके अपनी भूमिका निभा सकते हैं। आइए हम इस दिन का जश्न मनाएं और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए मिलकर दूसरों को जागरूक करें।








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