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दुर्ग में लगभग 8 करोड़ की अवैध अफीम खेती पर बुलडोजर चलाकर पुलिस ने किया लाखों पौधों को नष्ट!

9 मार्च :दुर्ग जिले के दुर्ग तहसील के ग्राम समोदा में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे खेत में बुलडोजर चलवा दिया। इस दौरान करीब 14 लाख अफीम के पौधों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के मुताबिक इस अवैध खेती की कीमत लगभग आठ करोड़ रुपये आंकी गई है।

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का खुलासा होली से एक दिन पहले 3 मार्च को हुआ। उस दिन कुछ बच्चे खेत के पास पहुंचे थे। वहां उन्हें कुछ संदिग्ध पौधे दिखाई दिए, जिनकी उन्होंने मोबाइल से तस्वीरें ले लीं। बाद में बच्चों ने ये फोटो गांव के लोगों को दिखाईं।

Durg Samoda Illegal Opium Farming Action

ग्रामीणों ने गूगल के जरिए पौधों की जानकारी खोजी, जिससे पता चला कि यह अफीम के पौधे हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी शिकायत प्रशासन और पुलिस से की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी।

इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं एक अन्य आरोपी अचला दास फिलहाल फरार बताया जा रहा है। रविवार को पकड़े गए तीनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।

अधिकारियों के मुताबिक जिन खेतों में यह अवैध खेती की जा रही थी, सरकारी रिकॉर्ड में वहां मक्का यानी भुट्टे की खेती दर्ज थी। लेकिन मौके पर मक्का के पौधों के बीच अफीम उगाई गई थी। इतना ही नहीं, खेतों में बड़ी मात्रा में गाजर घास भी लगाई गई थी ताकि दूर से देखने पर अफीम की खेती का पता न चल सके।

कार्रवाई के दौरान शुरुआत में पुलिस जवानों ने अफीम के पौधों को हाथों से उखाड़ने की कोशिश की, लेकिन पौधों की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण यह काम मुश्किल हो गया। इसके बाद प्रशासन ने करीब 50 महिला श्रमिकों को बुलाया, जिन्होंने खेत में उतरकर पौधों को उखाड़ना शुरू किया।

बाद में जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से पूरे खेत को साफ कर पौधों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।

पुलिस और प्रशासन को आशंका है कि आसपास के क्षेत्रों में भी इस तरह की अवैध अफीम की खेती हो सकती है। इसे देखते हुए अब ड्रोन की मदद से खेतों का सघन सर्वे किया जा रहा है।

अधिकारियों ने साफ कहा है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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