(सी.जी.प्रतिमान न्यूज़:पन्नालाल यादव)
आठ वर्ष की लंबी लड़ाई के बाद मिला न्याय
रायपुर 28 अप्रैल / कार दुर्घटना के बाद बीमा क्लेम ठुकराने के मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने एसबीआइ जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह बेमेतरा निवासी शैलेंद्र कुमार सोनी को 3,21,033 /₹ की बीमा राशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे। साथ ही जिला और राज्य उपभोक्ता आयोग के पुराने फैसलों को रद करते हुए कंपनी पर 25,000 /₹ का वाद व्यय भी लगाया है।
शैलेंद्र कुमार सोनी ने अपनी स्विफ्ट डिजायर कार का बीमा 25 अप्रैल 2018 से 24 अप्रैल 2019 तक के लिए कराया था। तीन जून 2018 को बेमेतरा के पास उनकी कार एक ट्रक से टकरा गई, जिससे वाहन को भारी नुकसान हुआ। बीमा कंपनी ने क्लेम आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि मामला पुलिस चार्जशीट से जुड़ा है। इसके खिलाफ सोनी ने पहले जिला उपभोक्ता आयोग दुर्ग और फिर राज्य आयोग में अपील की, लेकिन दोनों ही स्तरों पर उन्हें राहत नहीं मिली।
अंततः पीड़ित ने राष्ट्रीय आयोग में पुनरीक्षण याचिका दायर की।
मामले की सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बीमा कंपनी दावा खारिज करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल पुलिस की चार्जशीट या आरोपों के आधार पर जायज क्लेम को अस्वीकार करना सेवा में कमी है।
उपभोक्ता आयोग का फैसला
ब्याज सहित भुगतान का दिया आदेश :
राष्ट्रीय आयोग ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को भुगतान करने के निर्देश दिए हैं इसमें बीमा राशि 3,21,033/ रुपये (6% वार्षिक ब्याज के साथ ) 25000/ रूपये कानूनी लड़ाई के खर्च के तौर पर, 3 महीने के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो 30 जून 2026 से शेष राशि पर नौ प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा l







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