
सी. जी. प्रतिमान न्यूज :
दुर्ग 3 अक्टूबर / दुर्गं ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम निकुम निवासी पूर्व जनपद सदस्य रुपेश देशमुख ने आरोप लगाया है कि किसानों को धान बेचने के नाम पर सरकार परेशान कर रही है। इन्होंने कहा कि पटवारी और कृषि विस्तार अधिकारी गिरदावरी कर रिपोर्ट बना वर्षों से भेजते रहे हैं जिसके आधार से सेवा सहकारी समितियो द्वारा फसल खरीदी की जाती है। लेकिन शायद इस पर शासन को विश्वास नहीं है।

इसलिए किसानो को एग्रीस्टेक कराना अनिवार्य कर दिया गया है लेकिन शासन उचित व्यवस्था नहीं कर रहा है। दुर्ग में लगभग 30% किसान एग्रीस्टक से प्रभावित है। वर्ष 2025–26 में किसानों द्वारा फसल बेचने के लिए एग्री स्टेट पंजीयन करना अनिवार्य है लेकिन किसान इससे परेशान है। पिता की मृत्यु से (फौती) बंटवारे हिस्सेदारी या एक से अधिक खसरा जमीन है और एक का पंजीयन हो गया दूसरे का तहसीलदार के नाम से लंबित दिखा रहा है। किसान लगातार हफ्ते भर से तहसील कार्यालय के राजस्व रिकार्ड में सुधार या ऑनलाइन पर दिक्कतो को दुरुस्त कराने चक्कर काट रहे हैं।

लगातार चक्कर के बाद किसान अपने आप पर हताश महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालय पर नयाब तहसीलदार की मनमानी या शासन का अधिक दबाव समझ नहीं आ रहा है। बाबू कर्मचारी निर्वाचन में ड्यूटी या अन्य जगह की व्यस्तता बताते हैं। ऐसे में संदेह है कि इस वर्ष किसान अपनी धान की फसल उचित व्यवस्थाओं पर बेचने से वंचित न हो जाए।









Views Today : 141
Total views : 102030