Thursday, April 30, 2026
28.1 C
Delhi
Thursday, April 30, 2026
spot_img
Homeप्रदेशसरकार द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम कानून के प्रावधानों का पालन नहीं करने...

सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम कानून के प्रावधानों का पालन नहीं करने के कारण छत्तीसगढ़ के श्रमिक हर साल करोड़ों रुपए के पारिश्रमिक से वंचित – छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच


सी.जी.प्रतिमान न्यूज़ 18 अप्रैल / छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच के संयोजक एड राजकुमार गुप्त और अध्यक्ष सहदेव साहू ने छत्तीसगढ़ राज्य के श्रमायुक्त को ज्ञापन प्रेषित करके केंद्रीय कानून न्यूनतम वेतन अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए अधिनियम के दायरे में आने वाले श्रमिकों के लिए न्यूनतम पारिश्रमिक के पुनर्निधारण करने की मांग की है l
अधिनियम के प्रावधानों की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए मंच के नेताओं ने ज्ञापन में कहा है कि अधिनियम के प्रावधान के अनुसार प्रत्येक 5 साल में पारिश्रमिक का पुनर्निर्धारण किया जाना है, छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के पूर्व सन् 1997 में पारिश्रमिक का पुनर्निधारण किया गया था, अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ में सन् 2002, 2007, 2012, 2017, 2022 में इस प्रकार कुल 5 बार श्रमिको के लिए पारिश्रमिक का पुनर्निधारण किया जाना था किन्तु छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच के प्रयासों से सिर्फ 2 बार 2010 और 2017 में ही पारिश्रमिक का पुनर्निर्धारण किया गया, छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच की ओर से 2022 से लगातार पारिश्रमिक के पुनर्निधारण करने के लिए पत्र लिखा जा रहा है लेकिन शासन ऐसा नहीं कर रही है l

छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच के संयोजक एड राजकुमार गुप्त ने आरोप लगाया है कि राज्य निर्माण के बाद अब तक कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों की सरकारें रही है किंतु किसी भी दल की सरकार ने न्यूनतम वेतन अधिनियम के प्रावधान का सम्मान और पालन करते हुए समय पर पारिश्रमिक का पुनर्निधारण नहीं किया जिसके कारण राज्य के श्रमिकों को पिछले 26 वर्ष में हजारों करोड़ रुपए के पारिश्रमिक का नुक़सान हो चुका है l

मंच के संयोजक एड राजकुमार ने राज्य सरकार को आगाह किया है कि देश में विभिन्न कारणों से बढ़ती मंहगाई के कारण कम पारिश्रमिक / वेतन में श्रमिकों के लिए अपने परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है और यूपी के नोएडा सहित अन्य स्थानों में श्रमिक वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं l

एड राजकुमार गुप्त ने अन्य राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी साल 1 हरियाणा के गुरूग्राम में श्रमिकों का वेतन 13 हजार रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 19 हजार रुपए कर दिया गया है, केरल, तमिलनाडु और बंगाल में पूर्व से ही श्रमिकों को 18 हजार से लेकर 36 हजार प्रति माह वेतन मिल रहा है इसके विपरीत छत्तीसगढ़ में श्रमिकों को 8-9 हजार रुपए न्यूनतम वेतन ही मिल रहा है l

छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच के नेताओं ने छत्तीसगढ़ राज्य में श्रमिकों का न्यूनतम पारिश्रमिक / वेतन 20 हजार रुपए प्रति माह निर्धारित करने और पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular