दुर्ग 20 नवंबर / दुर्ग जिले में पिछले कई दिनों से चल रही सहकारी कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार गुरुवार को खत्म हो गई। धान खरीदी शुरू होने के बाद से पूरा तंत्र अस्त-व्यस्त हो रहा था, ऐसे में हड़ताल का समाप्त होना किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। स्थानीय समितियों में भी सुबह से चर्चा थी कि आज कोई बड़ा फैसला हो सकता है।

दुर्ग में सहकारी कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त –
हड़ताल 3 नवंबर से थी जारी
यह हड़ताल 3 नवंबर से लागू थी और इसके चलते जिले में धान खरीदी प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही थी, जबकि खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है। कर्मचारी संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया था।
कलेक्टर दुर्ग, डीआरसीएस, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ हिर्देश शर्मा और सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक दिलीप देशमुख की उपस्थिति में बैठक हुई, जहां कर्मचारियों ने कृषक और जनहित को प्राथमिकता देते हुए हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की।
21 नवंबर से लौटेंगे काम पर
कर्मचारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर बताया कि सभी कर्मचारी 21 नवंबर 2025 से नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर लौटेंगे और पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
साथ ही उन्होंने मांग उठाई कि हड़ताल अवधि में कर्मचारियों पर लगाए गए एस्मा के तहत एफआईआर, निलंबन, बर्खास्तगी और अन्य दंडात्मक कार्रवाई को रद्द किया जाए।

गैरहाज़िर होने वालों पर सख्ती
ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कोई कर्मचारी कार्य पर नहीं लौटता है, तो उसे कर्मचारी संघ से अलग माना जाएगा और इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह व्यक्तिगत होगी। इस निर्णय की सूचना जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है।
सहकारी कर्मचारी संघ ने कहा कि यदि प्रशासन हड़ताल अवधि में की गई कार्रवाइयों—जैसे एस्मा के तहत एफआईआर, निलंबन, बर्खास्तगी और अन्य दंडात्मक आदेश—को निरस्त करता है, तो इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे धान खरीदी कार्य को और प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगे।








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