रायपुर 2 फरवरी / नवा रायपुर, रायपुर, दुर्ग और भिलाई को मिलाकर बनाए गए इस विशेष क्षेत्र में अब किसी भी नई कालोनी के निर्माण या उद्योग की स्थापना के लिए स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। शासन ने एससीआर के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब जल्द ही इसके मुख्य कार्यपालन अधिकारी की नियुक्ति होने जा रही है। राजधानी क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए एससीआर का गठन किया गया है। एससीआर के ढांचे को मजबूती देने के लिए वित्त विभाग ने 210 पदों की स्वीकृति दे दी है।
आवास एवं पर्यावरण विभाग ने सीईओ की पदस्थापना के लिए मुख्य सचिव विकासशील को प्रस्ताव भेज दिया है। सीईओ की नियुक्ति के साथ ही संचालक मंडल की पहली औपचारिक बैठक बुलाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे। इस बैठक में नवा रायपुर में एससीआर के स्वतंत्र कार्यालय भवन के निर्माण और भविष्य की कार्ययोजना के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति पर मुहर लगेगी।
एससीआर के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न विभागों के अनुभवी अफसरों और कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके लिए विभाग ने सभी प्रमुख विभागों को पत्र लिखकर प्रतिनियुक्ति के इच्छुक कर्मियों के आवेदन मांगे हैं।

मुख्यमंत्री स्वयं इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे, जबकि कैबिनेट मंत्री अरुण साव और ओपी चौधरी इसके पदेन सदस्य बनाए गए हैं। नए नियम के तहत अब रायपुर और दुर्ग-भिलाई के विकास कार्यों में एससीआर की गाइडलाइन का पालन अनिवार्य होगा। माना जा रहा है कि आगामी 15 दिनों के भीतर संचालक मंडल की पहली बैठक होगी, जिसके बाद मास्टर प्लान और विकास की नई गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी।








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