
सीजी प्रतिमान न्यूज़ :
जामुल 30 मार्च / पेयजल की समस्या को देखते हुए तांदुला जलाशय से 12 सौ क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के आठ सौ निस्तारी तालाबों में पानी भरा जाएगा। गिरते भूजल स्तर की समस्या के चलते अनेक हैण्डपंप बंद हो गए हैं। निस्तारी तालाबों में पानी भरने से बंद हो चुके हैण्डपंप भी रिचार्ज होंगे। गौरतलब है कि जिले के निस्तारी तालाबों के सूखने एवं गिरते भू जल स्तर की वजह से हैंडपंपों में पानी नहीं आने के कारण गहराते जल संकट को लेकर प्रमुखता से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से इसकी शिकायत की गई थी। इसके बाद तांदुला मुख्य नहर से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ाने के साथ माइनर नहरों में भी निस्तारी तालाबों को भरने पानी छोड़ा जा रहा है।

पूर्व नगर पालिका जामुल अध्यक्ष व पार्षद सरोजनी चंद्राकर ने बताया कि जामुल पालिका क्षेत्र में नहर से तालाबों की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के तालाबों में पानी पहुंचना जरूरी है। जलसंसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता सुरेश पाण्डेय का कहना है कि पाटन, बेरला, दुर्ग सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पानी की बहुत मांग है। जिसे देखते हुए तांदुला से फिलहाल 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इनमें से 800 क्यूसेक पानी दुर्ग जिले तक पहुंच रहा है। शेष का बालोद जिले में खपत हो रहा है। उन्होंने कहा कि पानी बहुत कीमती है नहरों में छोड़ा गया पानी व्यर्थ न बहे। इसका ध्यान रखते हुए पानी का सदुपयोग करे।
विभाग का मैदानी अमला भी इसके लिए मानिटरिंग करें इसके लिए जल संसाधन विभाग ने विभागीय निर्देश भी जारी किये हैं।







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