सी.जी. प्रतिमान न्यूज़ :
छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के अधीन संचालित बालिका गृह, कोंडागांव में निवासरत कुमारी योगिता मंडावी ने खेल जगत में राज्य और जिले का नाम रोशन किया है। जूडो में शानदार उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें 26 दिसंबर 2025 को प्रदान किया गया।
कम उम्र में जीवन की कठिन परीक्षा, फिर भी नहीं मानी हार
बहुत कम उम्र में माता-पिता को खोने के बाद योगिता मंडावी के सामने जीवन की बड़ी चुनौतियाँ थीं, लेकिन उन्होंने हालात को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। बालिका गृह में रहते हुए उन्होंने खेल को अपना लक्ष्य बनाया और निरंतर अभ्यास व आत्मविश्वास के बल पर जूडो में आगे बढ़ती रहीं।

जूडो में राष्ट्रीय पहचान बनाने में सफल
योगिता मंडावी आज खेलो इंडिया की राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी हैं। उन्होंने विभिन्न राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई पदक अपने नाम किए हैं और अपनी प्रतिभा का प्रमाण दिया है।

प्रमुख उपलब्धियाँ
अस्मिता खेलो इंडिया महिला जूडो लीग 2025 में सब-जूनियर 44 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक
राज्य स्तरीय स्कूल गेम्स 2024-25 में अंडर-19 गर्ल्स वर्ग में प्रथम स्थान
एसजीएफआई नेशनल और खेलो इंडिया लीग जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन
भारतीय जूडो की उभरती युवा सितारा
लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते योगिता मंडावी को भारतीय जूडो की सबसे होनहार और प्रेरणादायक युवा खिलाड़ियों में शामिल किया जा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका अनुशासन, मेहनत और समर्पण आज कई बच्चों के लिए प्रेरणा बन चुका है।

छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
खेल के क्षेत्र में उत्कृष्टता और संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा को देखते हुए योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान न केवल योगिता के लिए, बल्कि कोंडागांव जिले और पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है।








Views Today : 92
Total views : 102595