



सीजी प्रतिमान न्यूज़ : जामुल / सोशल मीडिया में समाज सेविका की छवि धूमिल करने के मामले न्यायालय दुर्ग ने फैसला दिया है। जिसमें प्रतिवादी लेबर कैम्प भवानी चौक जामुल निवासी सरस बर्मन ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रीमती रश्मि वर्मा के खिलाफ झूठे, भ्रामक एवं अपमानजनक संदेश प्रसारित किया गया । जिससे उनकी सामाजिक छवि, प्रतिष्ठा धूमिल हुई।

समाज सेविका श्रीमती रश्मि वर्मा जामुल
न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों, पुलिस रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर कहा कि प्रतिवादी का कृत्य प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता की धारा 356 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के अंतर्गत गंभीर अपराध है। उक्त धाराओं के तहत किसी भी व्यक्ति द्वारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आपत्तिजनक, अपमान जनक, झूठी सामग्री प्रसारित करना कानूनन दंडनीय अपराध बनता है।
शिकायत या परिवाद से अपराध का आरोप स्पष्ट होना प्रारंभिक साक्ष्य के प्रथम दृष्टया अपराध का गठन होना, अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष बुलाना आवश्यक है, ताकि उसे आरोपों का उत्तर देने और प्राकृतिक न्याय के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर मिले.

न्यायालय ने प्रतिवादी सरस बर्मन को संमन जारी कर 24 अक्टूबर को न्यायालय में उपस्थित होने का किया है आदेश जारी








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