
पाटन 15 अप्रैल / दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक के भरर ग्राम पंचायत में लंबे समय से जारी ‘सचिव संकट’ और प्रशासनिक टकराव आखिरकार थमता नजर आ रहा है। मंगलवार को मामला सार्वजनिक होने के बाद जहां प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हुई, वहीं सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाधान का दबाव बनाया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत पाटन के सीईओ को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही सत्ता पक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने भी इस विवाद को जल्द सुलझाने के लिए हस्तक्षेप किया।
इसी क्रम में 15 अप्रैल बुधवार को जनपद प्रशासन ने डैमेज कंट्रोल की रणनीति अपनाते हुए अधिकारियों की टीम भरर पंचायत भेजी। सहायक विस्तार अधिकारी और करारोपण अधिकारी बुधवार दोपहर में पंचायत पहुंचे। बताया गया कि उस समय सरपंच मौके पर मौजूद नहीं थीं, जिसके बाद अधिकारियों ने उनसे फोन पर चर्चा की। इसके बाद पंचायत के भृत्य द्वारा कार्यालय का ताला खोला गया और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर विधिवत पूरी प्रक्रिया कराया गया। इस दौरान पूर्व सचिव खेमसिंह ने स्थानांतरित नए सचिव महेंद्र साहू को रिकॉर्ड सहित कार्यभार सौंपा। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और नियमसम्मत तरीके से संपन्न कराने का दावा किया है।
गौरतलब है कि जनपद के आदेश के बावजूद करीब एक माह तक नए सचिव को चार्ज नहीं मिल पाया था, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। इससे पहले भी एक अन्य सचिव की पदस्थापना के आदेश को पंचायत स्तर पर लागू नहीं किया गया था, जिसने पंचायत और जनपद के बीच टकराव को खुलकर सामने ला दिया था। उधर, सचिव विहीन स्थिति में सरपंच द्वारा कराई गई साप्ताहिक बाजार नीलामी ने विवाद को और अधिक गहरा कर दिया था। इस मामले में जनपद सीईओ पाटन द्वारा पहले ही जांच के आदेश दिए जा चुके हैं, जिसकी प्रक्रिया अभी जारी है।







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