
सी.जी. प्रतिमान न्यूज़ 28 मार्च / छत्तीसगढ़ की शांत फिजा में अब नशे का कारोबार जोरों पर दिख रहा है हर दिन अखबारों में समाचारों में कहीं गांजा की खेती कहीं अफीम की खेती कहीं महुआ की शराब यह सब क्या है। बस्तर संभाग अंतर्गत कोंडागांव जिले में पुलिस ने अवैध नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
फरसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पावारास में मक्के की फसल की आड़ में की जा रही गांजे की अवैध खेती का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने दो अलग-अलग खेतों से कुल 686 नग गांजे के पौधे बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश
पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ग्राम पावारास में दबिश दी। मुखबिर से सूचना मिली थी कि किसान अपनी मक्के की फसल के बीच गांजे के पौधे उगा रहे हैं ताकि किसी को भनक न लग सके। तलाशी के दौरान आरोपी अभिराम यादव (28 वर्ष) के खेत से 237 नग पौधे (वजन 14.96 किग्रा) और श्रवण कुमार उईके (38 वर्ष) के खेत से 449 नग पौधे (वजन 6.40 किग्रा) बरामद किए गए। कुल मिलाकर पुलिस ने 21 किलो 36 ग्राम वजन के 686 पौधे जब्त किए हैं।
सियासी गलियारों में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सत्ताधारी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार अवैध नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 20 (क) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें 27 मार्च 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन पौधों की सप्लाई कहां की जानी थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन से लोग शामिल हैं। लेकिन सोचिए जो युवा अपने भविष्य को दांव पर लगाकर नशे की गिरफ्त में आ चुका है उसका और उसके परिवार का क्या होगा।








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